भारत में आयुष्मान योजना का असर

       आयुष्मान योजना के बारे मे सुचनाओ के अनुसार पता चला है कि प्रदेश के 1150 निजी ओर 500 सरकारी सहित कुल 1650 अस्पतालो के जरिए अब तक 50 हजार से अधिक लोगो को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। ‘आयुष्मान’ गरीबो के लिए वरदान साबित हो रही है। कैंसर, किडनी, हदय रोग समेत अन्य बीमारीयों का उपचार सरकारी ओर प्राइवेट अस्पतालो मे मुफ्त होने के कारण गरीबो को काफी मदद मिली है। 30 से भी ज्यादा सरकारी ओर गैर सरकारी अस्पतालो मे योजना के तहत गोल्डन कार्ड के जरिए उपचार की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग ने  41 अस्पतालो का पैनल बना रखा है। जनपद मे 3.11 लाख लोग योजना के पात्र है, जिसमे अभी तक 2000 से भी ज्यादा उपचार ले चुके है। लाला लाजपत राय मेडिकल मे भी अभी तक 200 से भी अधिक उपचार करा चुके है। आयुष्मान योजना के तहत शमिल 1.18 परिवारो में से लगभग 21.5 लाख ने गोल्डेन कार्ड बनवा भी लिए है।

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  • खतौली निवासी 62 वर्षीय मंजू जैन पत्नी अनिल कुमार जैन आठ साल से हदय रोग से पिडित थी। करीब एक महीने से निमोनिया के चलते फेफडों मे संक्रमण हो गया था। उन्होंने बताया पैसे का अभाव था। तब आयुष्मान योजना के द्वारा उनका इलाज प्राइवेट अस्पताल मे मुफ्त हुआ। इसके द्वारा उन्हे नई जिन्दगी प्राप्त हुई। अनिल कुमार ने बताया कि इससे पहले उपचार मे वे डेढ लाख रूपये खर्च कर चुके है।
  • हमीरपुर के एक गरीब मजदूर पकंज को खून की उलटियां होने लगी तो पूरा पीरवार चिन्ता मे डूब गया। तब गोल्डन कार्ड के जरिए पकंज के लिवर का इलाज बडे अस्पताल मे मुफ्त हुआ।
  • झांसी के मुंशी का कूल्हा खराब होने से चलने-फिरना मुशिकल था। आपरेशन कराने के पैसे नही थे। पता चला कि आयुष्मान योजना मे नाम है। कूल्हे का ऑपरेशन मेडिकल मे बिना खर्च हो गया।

ऐसे मिल रही है योजना को गति

      जनपद मे बड़े प्राइवेट अस्पताल पैनल मे शामिल है। इनमे इलाज के लिए लाखो रूपये देने पड़ते थे, लेकिन गोल्डेन कार्ड के जरिए पांच लाख रूपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा है। गोल्डेन कार्ड देने के लिए सभी अस्पतालो में आयुष्मान मित्र रखे गए है। जनसेवा केन्द्र से भी 30 रूपये मे गोल्डन कार्ड पा सकते है।
कृछ अस्पताल कर रहे है गड़बड़ी
      वैसे तो योजना के लिए सरकार ने झोली खोल दी है, लेकिन कुछ अस्पताल इसका फायदा उठाने की कोशिश का रहे है। वे फर्जी बिल बनाकर सरकार से रकम वसूलने की कोशिशे का रहे है। लेकिन सरकार के सख्त नियम के कारण दे कामयाब नही हो पा रहे है। अब तक दर्जन से भी अधिक निजी अस्पताल गडबड़ी करते पकडे जा चुके है।


मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बढा रहे है दायरा


      गरीबो की भारी-भरकम आबादी को देखकर राज्य सरकार आयुष्मान योजना मे अपनी भी योजना मिलाकर दायरा बढा रही है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इसके लिए प्रदेश मे मुख्यमंत्री जनआरोग्य अभियान शुरू करते हुए 10 लाख गरीब परिवारो को चिन्हित कराया है इन परीवारो के 56 लाख सदस्यो को इसका लाभ मिलेगा।


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